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कर्मचारी सेवा नियमावली
 
भाग-तेरह
 
   
  • विविध


  • 33. प्रतिभूति


  • 1. संस्थान के ऐसे कर्मचारी, जिसके द्वारा संस्थान का धन संबंधी व्यवहार संपन्न किया जाता हो तथा ऐसे कर्मचारी जो संस्थान के स्टोर, स्टाकबुक आदि वस्तुओं के रख्रखाव से संबंधित हों, से कार्यकारिणी समिति द्वारा निर्धारित प्रतिभूति नकद जमा कराई जायेगी या उसे उतनी धनराशि का फाइडेलिटी बाण्ड जमा करना होगा।
    2. प्रतिभूति की नकद जमा की गई धनराशि पोस्ट आफिस/बैंक के सेविंग बैंक खाते में या सावधि जमा योजना में रखी जायेगी और संस्थान के निदेशक के नाम बंधित होगी। सम्बद्ध कर्मचारियों को उक्त प्रतिभूति की धनराशि पर उतना ब्याज दिया जायेगा, जितना बैंक के बचत खाते पर अनुमन्य होगा। संस्थान को हुई क्षति की प्रतिभूर्ति उत्तरादायी कर्मचारी की प्रतिभूति तथा उस पर अर्जित ब्याज से की जा सकेगी।
    3. प्रतिभूति की धनराशि पर शासन  द्वारा अपने कर्मचारियों के लिये बनाये गये नियमों के अनुसार प्रतिभूतकर्ता यदि कोई हो तो अनुमन्य होगा।
    4. यदि कोई कर्मचारी संस्थान की सेवा में न रह जाय या उसकी मृत्यु हो जाय तो प्रतिभूति की धनराशि, देय ब्याज सहित, उस कर्मचारी को और मृत्यु की दशा में उसके द्वारा नामित व्यक्ति या वारिस को, सेवा में न रहने या मृत्यु होने के दिनांक से तीन मास से भीतर सामान्यतया वापिस कर दी जायेगी।


  • 34.
    वेतन निर्धारण, वेतनवृद्धि, मंहगाई भत्ता यात्रा भत्ता तथा अन्य भत्ते, कार्यग्रहण समय अवकाश तथा अन्य विषयों के संबंध में ,जिनके बारे में इन नियमों में कोई व्यवस्था नहीं की गई है, वही नियम लागू होंगे जो उत्तर प्रदेश शासन  के कर्मचारियों के समान प्रशासनिक विभाग की अनुमति से लागू होंगें।

     

    35.
    जो कर्मचारी इन नियमों के प्रवृत्त होने के पूर्व संस्थान के अधीन विभिन्न पदों पर तत्समय प्रवृत्त नियमों के अधीन नियुक्त किये जा चुके हैं, उन्हें इन नियमों के अधीन नियुक्त माना जायेगा।