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कर्मचारी सेवा नियमावली
 
भाग चार
 
   
  • अर्हतायें


  • 7. राष्ट्रीयता


  • संस्थान के अन्तर्गत भर्ती के लिये यह आवश्यक है कि अभ्यर्थी :-
    1. भारत का नागरिक हो, या
    2. तिब्बती द्रारणार्थी हो, जो भारत में स्थायी निवास के अभिप्राय से 1 जनवरी 1962 के पूर्व भारत आया हो या
    3. भारतीय उद्‌भव का ऐसा व्यक्ति हो, जिसने भारत में स्थायी निवास के अभिप्राय से पाकिस्तान, बर्मा, श्रीलंका से या केन्या, उगाण्डा या युनाइटेड रिपब्लिक आफ तंजानिया (पूर्ववर्ती तांगानिका और जंजीबार ) के किसी पूर्व अफ्रीकी देश में प्रवजन किया हो।


  • प्रतिबन्ध यह है कि जा उपर्युक्त (2) या (3) के अधीन होंगें, उनको राज्य सरकार द्वारा जारी किया गया पात्रता (इलीजिबिल्टी) का प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना आवश्क होगा।
    प्रतिबन्ध यह भी है कि श्रेणी (2) के अभ्यर्थी के लिए महानिरीक्षक, गुप्तचर शाखा से भी पात्रता (इलीजिबिल्टी) का प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना आवश्क होगा।


  • प्रतिबन्ध यह भी है कि अभ्यर्थी श्रेणी (3) का हो, तो उसके संबंध में पात्रता का प्रमाणपत्र एक वर्ष से अधिक समय के लिये जारी नहीं किया जायेगा और ऐसा अभ्यर्थी सेवा में एक वर्ष से आगे तथी रह सकता है, जब वह इस बीच भारत की नागरिकता प्राप्त कर ले।


  • टिप्पणी -


  • जिस अभ्यर्थी के संबंध में पात्रता का प्रमाणपत्र आवश्क हो, यदि उसके पक्ष में प्रमाणपत्र न हो तो निर्गत किया गया हो और न अस्वीकार किया गया हो, तो ऐसे अभ्यर्थी को साक्षात्कार या परीक्षा में सम्मिलित किया जा सकता है और उसकी नियुक्ति भी अनन्तिम रूप से की जा सकती है।


  • 8. शैक्षिक अर्हतायें


  • सेवा में विभिन्न पदों पर नियुक्ति के लिए अनिवार्य शैक्षिक योग्यतायें तथा वरीयता संबंधी अन्य अर्हतायें कार्यकारिणी समिति द्वारा सामान्य परिषद्‌ तथा शासन  के अनुमोदन से निर्धारित की जायेंगीं। इस सम्बन्ध में विभिन्न पदों के लिए निर्धारित अर्हतायें परिशिष्ट दो में उल्लिखित है।


  • 9. आय


  • संस्थान के अधीन सेवाओं में सीधी भर्ती के लिए किसी अभ्यर्थी की आयु वही होगी, जो कि शासन  द्वारा समय-समय पर अवधारित की जाये। इसका विवरण परिशिष्ट दो में उल्लिखित है। सीधी भर्ती के लिये अभ्यर्थी की आयु जिस वर्ष भर्ती की जानी हो उस वर्ष की पहली जनवरी को, यदि पद पहली जुलाई से इकतीस दिसम्बर की अवधि में विज्ञापित किया जाय, इस नियमावली के परिशिष्ट दो में विहित आयुसीमा के भीतर होनी चाहियें, परन्तु अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों तथा ऐसी अन्य श्रेणियों के, जो शासन  द्वारा समय-समय पर अधिसूचित की जायें, अभ्यर्थियों की आयु सीमा उतने वर्ष अधिक होगी, जितनी शासन  द्वारा अपनी सेवाओं के लिए विनिर्दिष्ट की जाय।


  • 10. चरित्र


  • सीधी भर्ती के संबंध में उम्मीदवार का चरित्र ऐसा होना चाहियें, जो संस्थान की सेवा के लिए उपयुक्त हो। इस उद्‌देश्य से नियुक्ति पत्र दिये जाने के उपरान्त एवं कार्यभार ग्रहण रिपोर्ट देने के पूर्व निम्नांकित प्रमाणपत्र अभ्यर्थी को प्रस्तुत करना आवश्क होगा।


  • 1. विश्वविद्यालय के कुलपति या कालेज/स्कूल के प्रधानाचार्य या उस विभागाध्यक्ष से जिसके अधीन उसने शिक्षा प्राप्त की हो अथवा कार्य किया हो, द्वारा प्रदत्त चरित्र प्रमाणपत्र।
    2. दो राजपत्रित अधिकारियों या जिम्मेदार व्यक्तियों से अच्छे चरित्र का प्रमाणपत्र । नियुक्ति प्राधिकारी, जहां आवश्क समझें अभ्यर्थी के चरित्र के संबंध में अन्य तरीकों से जांच पड़ताल भी करा सकता है।


  • टिप्पणी-


  • ऐसा कोई उम्मीदवार या अभ्यर्थी सेवा में नहीं रखा जायेगा, जो न्यायालय द्वारा कोई ऐसा अपराध करने के निमित्त दण्डित किया गया हो, जिससे वह किसी सरकारी सेवा अथवा संस्थान की सेवा हेतु अनुपयुक्त समझा जाय। यदि कोई कर्मचारी सरकारी कम्पनी या निगम या किसी अन्य संस्था की सेवा में किसी अपराध, अनुशासनहीनता, अथवा अकर्मण्यता के कारण पदच्युत (डिशमिश) किया गया हो, तो ऐसे अभ्यर्थी को संस्थान की सेवा में नहीं रखा जायेगा। नैतिक अधमता के किसी अपराध के लिये सिद्धदोष व्यक्ति भी संस्थान की सेवा में नहीं रखा जायेगा।


  • 11. वैवाहिक प्रास्थिति


  • अभ्यर्थी को इस आशय का एक घोषणा पत्र देना होगा कि-यदि वह विवाहित है, तो उसकी एक से अधिक जीवित पत्नी/पति नहीं है। उस पुरूष अभ्यर्थी को जिसके एक से अधिक पत्नियां हो, और उस स्त्री अभ्यर्थी को, जिसने ऐसे व्यक्ति से विवाह किया हो, जिसकी पहले से ही कोई जीवित पत्नी विद्यमान हो, संस्थान की सेवा में नहीं रखा जायेगा।

  • 12. शारीरिक स्वस्थता


  • नियुक्ति के लिए चयन किये गये प्रत्येक व्यक्ति से यह अपेक्षा की जायेगी कि वह मुख्य चिकित्साधिकारी/राजकीय चिकित्सालय के चिकित्साधीक्षक या ऐसे चिकित्साधिकारी जो नियुक्ति प्राधिकारी को मान्य हो, स्वस्थता का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करें अन्यथा वह नियुक्ति के लिये पात्र नहीं होगा।
    प्रतिबन्ध यह है कि ऐसा प्रमाणपत्र किसी ऐसे कर्मचारी को देना सामान्यतया आवश्क नहीं होगा, जो प्रतिनियुक्ति पर नियुक्त किया जाय या जिसकी पदोन्नति द्वारा नियुक्ति की जाय और जो अपनी पूर्व नियुक्ति पर स्वस्थता का प्रमाणपत्र दे चुका हो।